लखनऊ 8 जुलाई। सावन की रिमझिम फुहार में साकार फाउंडेशन की ओर से सावन उत्सव मनाया गया । जिसमे महिलाओं ने बढ़चढ़ के हिस्सा लिया । हरे हरे परिधानों और श्रृंगार ने मानो सावन की छटा और भी बढ़ा दी हो।
लगभग 45 महिलाओं ने इसमें प्रतिभाग किया ।
आज की मुख्य अतिथि श्रीमती विमल पंत एवं श्रीमती पद्मा गिदवानी रहीं।
संस्था की सचिव एवम प्रख्यात लोकगायिका प्रीति लाल ने समस्त आए हुए अतिथियों का स्वागत तुलसी का पौधा एवं पुष्पमाला से किया।
सभा का शुभारंभ लोकगायिका प्रीति लाल ने पारंपरिक देवी मां का झूला गीत -“हिंडोला झुलैं बाग मा महारानी” से किया । इसके बाद नवनीता जफा ने “आयो सावन विनय करूं”,शशि गुप्ता ने – कैसे खेलन जैबूं सावन मा ककरिया”, सुधा द्विवेदी ने ” घिरीआई बदरिया झमक झूम झूम”,अंजलि सिंह ने” कजरी बदरिया बरसै रस कै बूंद”,सुषमा प्रकाश ने “सिया संग झुलैं बगिया में राम ललना”, डॉ विनीता सिंह ने सावन गीत “सुन प्यारे बद्र संदेसवा हमारो “,चित्रा श्रीवास्तव ने – “कजरी _अरे मेहंदी सुहाय जयपुर की कजरी मिजापुर की ना “,इसके बाद क्रमशः मंजुला श्रीवास्तव ,गीता निगम,शशिप्रभा सिंह ममता जिंदल, सरिता शर्मा,अमरावती वर्मा रचना गुप्ता,अलका चतुर्वेदी ,मंजुला श्रीवास्तव,मंजुलिका अस्थाना ,संगीता खरे,अमरवती वर्मा ने अपने अपने मधुर स्वरों में कजरी गाकर दर्शकों का मन मोह लिया । की बोर्ड पर अरविंद वर्मा , ऑक्टोपैड पर दीपक बाजपेई ने शानदार संगत की।
सभा के अंत में कुमायुनी कंठकोकिला श्रीमती विमल पंत जी ने “अम्मा ने भेजो संदेसवा बाबुल ने भेजी कहार रि”और मधुर आवाज की मलिका जिनको लखनऊ की लता जी भी कहते हैं,पद्मा गिदवानी जी ने सावन गीत गाया।








Users Today : 15
Total Users : 900639

