लखनऊ 1अक्टूबर । यूपी में डायल 108 102 एंबुलेंस सेवा से बर्खास्त ऐम्बुलेंस कर्मचारी एक हफ्ते बाद स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर भूख हड़ताल पर बैठेंगे। आपको बता दें इटवा जिले से न्याय यात्रा करते हुए हुए जीवनदायिनी एम्बुलेंस संघ कर्मचारियों के को लेकर 20 सितम्बर को स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के आवास पर पहुंचा था। जहां पर संघ स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात किया। स्वास्थ्य मंत्री कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर एक हफ्ते का समय लिया था। पुनः संगठन को 30 सितंबर को लखनऊ बुलाया गया।
जीवनदायिनी एम्बुलेंस संघ के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष शरद यादव ने बताया कि सरकार एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी जीवीके ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विस से वार्ता किया तुरंत कंपनी अपने अड़ियल रवैया से बाज नहीं आ रही है।
वह कर्मचारियों की बहाली वह समस्याओं को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं ले रही है। जिस पर संगठन ने आप फैसला लिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर कर्मचारियों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो संघ पुनः उन्हीं कर्मचारियों के साथ स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर अपने परिवार सहित ,बीवी-बच्चों सहित भूख हड़ताल पर बैठेगा।
जीवनदायिनी संघ प्रदेश मीडिया प्रभारी शरद यादव ने बताया कि आज उनके द्वारा एक पत्र जारी करके स्वास्थ्य मंत्रालय व अन्य सभी अधिकारियों को तथा कंपनी को भी यह पत्र लिखकर दिया गया है कि अगर उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो संगठन एक हफ्ते बाद भूख हड़ताल पर जाएगा।
आपको बताते चलें कि 2021 में एक धरने के दौरान एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी जीवीके ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विस ने बिना किसी सूचना के एक साथ कई हजार एंबुलेंस कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया था। ये वही कर्मचारी हैं जो कोरोना काल में उत्तर प्रदेश में उत्कृष्ट सेवाएं दिए थे। स्वयं प्रधानमंत्री ने इन कोरोना योद्धाओं को देवदूत कहा था।
परंतु उत्तर प्रदेश में एंबुलेंस 108 102 सेवा प्रदाता कंपनी इन कर्मचारियों के रोजगार की कोई चिंता नहीं कर रही है। कई वार्ता के बाद कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
अब देखना है कि कर्मचारी अपने परिवार, अपने बीवी, अपने बच्चे, अपने बूढ़े मां-बाप के साथ भूख हड़ताल पर बैठते हैं अथवा उससे पहले सरकार व कम्पनी उनके साथ न्याय करेंगी।









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